चलो कविता लिखें और मस्ती करें

"जब नहीं शब्द का ज्ञान मुझे, तो स्वागत वचन कहूँ कैसे, जब नहीं मानता मन मेरा, तो फिर खामोश रहूँ कैसे, इसलिए व्यर्थ शब्दों से ही खुद को अगात करता हूँ, नम्र ह्रदय से निज पन्ने पर आपका स्वागत करता हूँ..."

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आभार

Posted On: 12 Dec, 2012 Others में

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प्रथम आभार श्री मात-पिता का,
जिनसे मिट्टी को मिला जीवन.
न देखा मेरे दोषों को,
वारा मुझ पर अपना तन-मन.

द्वितीय आभार उस परम-ब्रम्ह का,
जिनसे प्राण प्रदाता पिता मिला.
जब भी भौतिक पतझड़ आई,
मन के सावन को दिया खिला.

फिर आभार आप सबका,
जिनसे मिला मार्गदर्शन.
न देखा कभी न मिलन हुआ,
पर मिला बहुत ही अपनापन.

इस मंचराज के हम आभारी,
जो बने मेरे संपर्क माध्यम.
सबको अवसर कहने-सुनने का,
सब अन्दाजे अपनी प्रतिभा, दम.
जो भी मेरे शुभ-चिन्तक हैं,
हम उम्र मित्र और अग्रज.
जिसने कविता श्रृंगार बनी,
नमनीय ऐसे साधु जन.

जितने भी गद्दार मित्र हैं,
जिनसे मित्रता व्यापार बनी.
ऐसे मित्रों का भी आभारी,
इनसे करुण कवित् दो-चार बनी.
जिनका जिक्र नहीं कविता में,
उनका भी मैं आभारी हूँ.
अगर न क्रोधित हों मुझपर,
तो कहलायें मेरे उपकारी.

भाषा, शब्द और हिंदी माँ,
इन सबका आभार नहीं.
बस कृपा बरसती रहे प्रलय तक,
फिर कोई और विचार नहीं.

गर समयाभाव न होता हो,
कविता ये होती खतम नहीं.
समय कोई पैदा कर दे,
ऐसी होती कोई जतन नहीं.

पुनः आभार आप का पाठक,
जो कविता पर समय दिया.
डरते-डरते शुरुआत हुई,
अब प्रेम-वचन से अभय किया.

एक बात है कहना सब से,
एक कामना मन के अंदर.
जीवन भर हो साथ सभी का,
चलती रहे ये कलम निरंतर.
पुनः बहुत आभार प्रगटकर,
बंद कर रहा ये प्रकरण.
हे हिंदी माँ! गले लगा लो,
नमन कर रहा चरणों पर.

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40 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

deepakk के द्वारा
January 1, 2013

बहुत सुन्दर.. इतनी कम उम्र में इस तरह की रचनात्मकता…..आपको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये.

December 29, 2012

प्रथम आभार श्री मात-पिता का, जिनसे मिट्टी को मिला जीवन. न देखा मेरे दोषों को……………सुन्दर अति सुन्दर…….

    ashishgonda के द्वारा
    December 29, 2012

    आदरणीय! सादर प्रणाम. प्रतिक्रिया के लिए ह्रदय से आभार..

प्रवीण दीक्षित के द्वारा
December 21, 2012

आपकी कलम चुंबकीय है जो सहज ही पाठकों को अपनी ओर आकष्ज्र्ञित करता है …….. पढ़कर कृतज्ञ हुआ ….. हमारे ब्लाॅग पर भी पधारें … !

    ashishgonda के द्वारा
    December 22, 2012

    आदरणीय! सादर अभिवादन, कलम भी साधारण है और मैं भी आपका आकर्षण मेरे लिए गौरव की बात है. कृतज्ञता के लिए क्रित्ज्ञ…. जल्द ही पहुँचता हूँ….

Santlal Karun के द्वारा
December 20, 2012

आदरणीय आशीष गोंडा जी, आभार-जैसे नैतिक मूल्य पर अत्यंत संवेदनात्मक, प्रभावी, पठनीय कविता; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ ! ” प्रथम आभार श्री मात-पिता का, जिनसे मिट्टी को मिला जीवन. न देखा मेरे दोषों को, वारा मुझ पर अपना तन-मन. द्वितीय आभार उस परम-ब्रम्ह का, जिनसे प्राण प्रदाता पिता मिला. जब भी भौतिक पतझड़ आई, मन के सावन को दिया खिला.”

    ashishgonda के द्वारा
    December 21, 2012

    आदरणीय सादर प्रणाम! प्रतिक्रिया और साधुवाद के लिए ह्रदय से आभार…..

yogi sarswat के द्वारा
December 19, 2012

पुनः आभार आप का पाठक, जो कविता पर समय दिया. डरते-डरते शुरुआत हुई, अब प्रेम-वचन से अभय किया. एक बात है कहना सब से, एक कामना मन के अंदर. जीवन भर हो साथ सभी का, चलती रहे ये कलम निरंतर. पुनः बहुत आभार प्रगटकर, बंद कर रहा ये प्रकरण. हे हिंदी माँ! गले लगा लो, नमन कर रहा चरणों पर. गज़ब का लिखते हो भाई आशीष जी ! आपके शब्द व्यवस्थित , सुन्दर , सार्थक और सटीक होते हैं ! बहुत सुन्दर

    ashishgonda के द्वारा
    December 21, 2012

    आदरणीय सादर अभिवादन! प्रतिक्रिया और प्रशंसा के लिए कोटिशः धन्यवाद. आपके द्वारा “भाई” संबोधन प्राप्त कर अति प्रसन्नता हुई…

jlsingh के द्वारा
December 19, 2012

प्रिय आशीष, बहुत बहुत शुभाशीष ! कलम तुम्हारी चलती रहे, आशीष बड़ो का कहता है. मात-पिता और गुरुजन ही, सदा सहायक रहता है!

    ashishgonda के द्वारा
    December 21, 2012

    आदरणीय! सादर प्रणाम. कविता के प्रतिउतर में कविता करना कोई आपसे सीखे….बहुत सुन्दर कविता और प्रतिक्रिया के लिए हृदय से आभार…

karansingh के द्वारा
December 17, 2012

आदरणीय आशीष जी सदर अभिवादन बहुत बहुत बधाई मै यह कविता पढ़ कर बहुत प्रसन्न हूँ आप बहुत सौंदर्य रचना करते है | इस क्रम मेरी “उसे इन्सान कहते है ” कविता भी पढ़ लीजिये http://karandeep.jagranjunction.com/2012/10/28/%E0%A4%89%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88/

    ashishgonda के द्वारा
    December 21, 2012

    मित्र! प्रतिउत्तर अभिवादन स्वीकार हो.. प्रतिक्रिया, प्रशंसा और अपनी कविता का लिंक दिया उसके लिए आभार…… थोडा व्यस्त था इसीलिए देर हुई जल्दी ही पहुँचता हूँ….

Tufail A. Siddequi के द्वारा
December 17, 2012

आदरणीय आशीष जी सादर अभिवादन, बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति. हार्दिक शुभकामनाएं. – तुफैल ए. सिद्दीकी http://siddequi.jagranjunction.com

    ashishgonda के द्वारा
    December 21, 2012

    आदरणीय मित्रवर! सादर अभिवादन. आपका अभिवादन मेरे लिए गौरव की बात है. प्रतिक्रिया और शुभकामना के लिए ह्रदय से आभार…….

seemakanwal के द्वारा
December 15, 2012

आशीष तुम्हें आशीष ऐसे ही लिखते रहो .

    ashishgonda के द्वारा
    December 15, 2012

    आदरणीय! प्रतिक्रिया और आशीष के लिए आभार…

sudhajaiswal के द्वारा
December 15, 2012

आशीष जी, बहुत ही सुन्दर भावों से परिपूर्ण रचना के लिए बहुत बधाई|

    ashishgonda के द्वारा
    December 15, 2012

    प्रथम आगमन पर हृदय से स्वागत है. प्रतिक्रिया और बधाई के लिए आभार……

pritish1 के द्वारा
December 14, 2012

आधुनिक हिंदी काव्य के युवराज का अवतरण जागरण जंक्सन के मंच से हुआ है……आपकी सभी रचनायें मधुर भावों से परिपूर्ण एवम विचारनीय होती है………लिखते रहिये………वन्दे मातरम

    ashishgonda के द्वारा
    December 14, 2012

    आदरणीय मित्रवर! सादर अभिवादन. यह माँ के बाद एक सच्चा मित्र ही कर सकता है कि एक सिखने के लिए लिखना शुरू करता है उसे युवराज की संज्ञा दे दी गई है…प्रशंसा भरी प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धनवाद.

alkargupta1 के द्वारा
December 14, 2012

प्रिय आशीष , बहुत ही सुन्दर भाव प्रस्तुत किये हैं …मैंने तुम्हारी और रचनाएँ भी पढी हैं बहुत गर्व होता है इतनी छोटी सी उम्र में इतना अनुभव और सृजनशीलता को देखकर….तुम्हारी रचनाधर्मिता और लेखनी को निरंतर गति मिलती रहे….. शुभकामनाएं…. .

    ashishgonda के द्वारा
    December 14, 2012

    आदरणीया ताई जी!सादर चरणस्पर्श,  आपके प्रतिक्रिया स्वरुप आशीष को पाकर आशीष कृतार्थ हुआ. आपके गर्व पर मुझे गर्व हो गया. प्रतिक्रिया और शुभकामना के लिए ह्रदय से बहुत-बहुत आभार…..

Sushma Gupta के द्वारा
December 13, 2012

प्रिय आशीष जी,सर्वप्रथम आपकी इतनी अद्वितीय रचना को नमन …मै जान गयी हूँ कि सहज व् सुकोमल भावों से सजा काव्य रचने कि क्षमता को देखने लिए आशीष के ब्लॉग पर ‘आभार’ पर वधाई देने आना ही होगा… इस हेतु बहुत – बहुत हार्दिक वधाई…

    ashishgonda के द्वारा
    December 14, 2012

    आदरणीया ताई जी! सादर प्रणाम. प्रतिक्रिया, बधाई और इतनी अधिक प्रशंसा के लिए ह्रदय से आभार…

Santosh Kumar के द्वारा
December 13, 2012

श्री आशीष जी ,.सादर नमस्कार एक कामना मन के अंदर. जीवन भर हो साथ सभी का, चलती रहे ये कलम निरंतर. पुनः बहुत आभार प्रगटकर, बंद कर रहा ये प्रकरण. हे हिंदी माँ! गले लगा लो, नमन कर रहा चरणों पर. ………..बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ,…आप सदा निरंतर हिंदी हिन्दुस्तान की सेवा करते रहें ,..यही कामना प्रार्थना है ,…हार्दिक शुभकामनाएं

    ashishgonda के द्वारा
    December 14, 2012

    आदरणीय! प्रणाम. पंक्तियों को साम्मानित कर कामना समझ कर आशीष देने के लिए ह्रदय से आभार…..

akraktale के द्वारा
December 13, 2012

सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति पर बधाई स्वीकारें आशीष जी सादर.

    ashishgonda के द्वारा
    December 14, 2012

    आदरणीय! प्रतिक्रिया और बधाई के लिए आभार…….

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
December 13, 2012

आभार सुन्दर भावों से अवगत करने हेतु, स्नेहिल बधाई.

    ashishgonda के द्वारा
    December 13, 2012

    आदरणीय दादा जी! सादर चरण स्पर्श.. प्रतिक्रिया स्वरूप आशीष के लिए धन्यवाद.

nishamittal के द्वारा
December 13, 2012

वाह आशीष ,कृतज्ञ सभी के प्रति सभी होते हैं किसी न किसी रूप में ,उसको अभिव्यक्त करना तुन्हारी क्षमता है,और हाँ कृतज्ञता का अनुभव भी न करना कृतघ्नता है,क्योंकि सभी अन्योन्याश्रित हैं

    ashishgonda के द्वारा
    December 13, 2012

    प्रणाम माँ जी! एक माँ का प्रेम है जो अपने पुत्र की इतनी प्रशसा कर रही है,,इसमें कोई आश्चर्य नहीं,,ये क्षमता भी आपकी ही दें है….प्रतिक्रिया स्वरूप आशीष के लिए आभार….. प्रणाम.

sunita dohare (shanu) के द्वारा
December 13, 2012

नमस्कार , बहुत ही सुन्दर शब्दों का संयोजन किया है आपने …..धन्यवाद …

    ashishgonda के द्वारा
    December 13, 2012

    आदरणीया! सादर अभिवादन. कविता को पसंद कर प्रतिक्रिया के लिए आभार…..

    ashishgonda के द्वारा
    December 13, 2012

    आदरणीय! सादर अभिवादन. ब्लॉग पर प्रथम आगमन पर स्वागत है. प्रतिक्रिया और प्रशंसा के लिए ह्रदय से धन्यवाद….जल्दी ही पहुँचता हूँ….

D33P के द्वारा
December 12, 2012

so nice

    ashishgonda के द्वारा
    December 12, 2012

    आदरणीया ब्लॉग पर प्रथम आगमन पर स्वागत है…. सटीक प्रतिक्रिया के लिए आभार………….


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